नागपुर के संविधान चौक की अस्मिता से समझौता नही – अभय रत्न बौद्ध 

– राष्ट्रीय समन्वय समिति के बौद्ध संगठनों की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग
– संविधान चौक से जीरो माइल तक ‘एकीकृत विकास आराखड़ा’ तैयार करने की अपील

The Exposer
दिल्ली : महाराष्ट्र मे नागपुर के ऐतिहासिक संविधान चौक के विकास का मुद्दा अब दिल्ली तक पहुंच गया है। विकास के नाम पर इस ऐतिहासिक स्थल की अस्मिता और जनभावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए, ऐसी स्पष्ट भूमिका बौद्ध संगठनों की राष्ट्रीय समन्वय समिति ने रखी है। समिति की ओर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन भेजकर संविधान चौक को ‘राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल’ के रूप में विकसित करने के लिए स्वतंत्र कार्ययोजना तैयार करने की मांग की गई है।

राष्ट्रीय समन्वय समिति ऑफ बुद्धिस्ट ऑर्गनायजेशन्स (इंडिया) की ओर से 7 अक्टूबर 2026 को यह ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में नागपुर जिला प्रशासन द्वारा संविधान चौक और आसपास की जमीन के संबंध में निविदा जारी किए जाने की खबरों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर नागरिकों में भ्रम और अस्वस्थता का माहौल बना है।

संविधान चौक से जीरो माइल तक एकीकृत विकास की मांग

ज्ञापन के अनुसार, नागपुर शहर की विभिन्न बौद्ध संगठनों के प्रतिनिधियों ने आपसी चर्चा के बाद संविधान चौक से जीरो माइल तक के क्षेत्र को ‘एकीकृत विकास आराखड़े’ के माध्यम से राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की है।

समिति का कहना है कि संविधान, लोकतंत्र, समानता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय जैसे मूल्यों से जुड़े इस ऐतिहासिक स्थल का विकास करते समय इसकी ऐतिहासिक एवं सामाजिक पहचान को किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।

‘विकास करें, लेकिन संविधान चौक की गरिमा बरकरार रखें’

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की गई मांग में संविधान चौक के विकास के लिए एकीकृत विकास योजना तैयार करने के निर्देश नागपुर जिला प्रशासन को देने की अपील की गई है। साथ ही विकास प्रक्रिया में स्थानीय नागरिकों की भावनाओं तथा संविधान चौक की गरिमा का सम्मान करने की अपेक्षा व्यक्त की गई है। इस ज्ञापन की एक प्रति नागपुर के जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, IAS को भी दी गई है।

अब प्रशासन के रुख पर निगाह

संविधान चौक और आसपास के क्षेत्र के विकास को लेकर विभिन्न स्तरों से सामने आ रही मांगों के बीच अब प्रशासन किस प्रकार की विकास योजना को स्वीकार करता है और ऐतिहासिक संविधान चौक की मूल पहचान एवं जनभावनाओं को किस तरह सुरक्षित रखता है, इस पर नागपुरकरों की नजरें टिकी हैं।

संतोष तायडे
Author: संतोष तायडे

संपादक

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